Feb 4, 2014

जाल और जाले

यूं अलग-थलग, सबसे अलग, सब में अलग, जग में जुदा
रह जाऊं जाँ, जन्मो-जनम, अपनी कसम, ही ले अलहदा

सब अगल-बगल, संगी विह्वल, अन्मन के दल, चाहें बता
हम भी अलग, धुन का बुना, टुकड़ा नया, लो बनी अदा 

जो यहाँ-वहाँ, न हुआ कहाँ, न कभी जहां, सब कुछ मिला
कब बहार है, क्या ऐतबार, थोड़ा इंतज़ार, कुछ गुमशुदा  

क्यों तरह-तरह , मन में कलह, मन की वजह, मन ऊबना
समझा सबब, सोचा गज़ब, निकला अजब, दिन मसविदा    

ये चमक-धमक, चहकी महक, बहकी खनक, होशियारियां
जी कर बहस, लड़ ले जिया, दम दे दिया, मद आमदा 

क्या अता-पता, किसकी खता, खत लापता, हो कर मिला
बैरंग पथ, कथ थक चले, दुःख मुख कहे, चल अब विदा    


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